Ajab Gajab

Status, Shayari, Message, Vrat Katha, Pauranik Katha, Jyotish, News, Hindi Story, Religion, Health, Poem, Jokes, Kavita, Geet, Gazal, Wishes, SMS, Interesting Facts

Menu
  • Pauranik Katha
  • Jyotish
  • Quotes
  • Shayari
  • Amazing India
  • Self Improvment
  • Health
  • Temple
  • Bizarre
Menu

Benefits of Brass Utensils, पीतल के बर्तन क्यों जरूरी है घर में, जानेंगे तो आश्चर्य होगा

Posted on May 13, 2020May 13, 2020 by Pankaj Goyal

Health Benefits of Brass Utensils, Advantage of brass Utensils, Benefits of Brass Cookware, Benefits of Brass Utensils, पीतल के बर्तन क्यों जरूरी है घर में, जानेंगे तो आश्चर्य होगा – पीतल के बर्तन घर में रखना शुभ माना जाता है। सेहत की दृष्टि से पीतल के बर्तनों में बना भोजन स्वादिष्ट तुष्टि-प्रदाता होता है तथा इससे आरोग्य और शरीर को तेज प्राप्त होता है। पीतल का बर्तन जल्दी गर्म होता है जिससे गैस तथा अन्य ऊर्जा की बचत होती है। पीतल के बर्तन दूसरे बर्तन से ज्यादा मजबूत होते हैं। पीतल के कलश में रखा जल अत्यधिक ऊर्जा प्रदान करने में सहायक होता है।

Benefits of Brass Utensils
Benefits of Brass Utensils

पीतल का अर्थ

ब्रास अथवा पीतल एक मिश्रित धातु है। पीतल का निर्माण तांबा व जस्ता धातुओं के मिश्रण से किया जाता है। पीतल शब्द पीत से बना है तथा संस्कृत में पीत का अर्थ पीला होता है तथा धार्मिक दृष्टि से पीला रंग भगवान विष्णु को संबोधित करता है। सनातन धर्म में पूजा-पाठ व धार्मिक कर्म हेतु पीतल के बर्तन का ही उपयोग किया जाता है। वेदों के खंड आयुर्वेद में पीतल के पात्रों को भगवान धन्वं‍तरि का अतिप्रिय बताया गया है। शास्त्र महाभारत में वर्णित एक वृत्तांत के अनुसार सूर्यदेव ने द्रौपदी को पीतल का अक्षय पात्र वरदानस्वरूप दिया था जिसकी विशेषता थी कि जब तक द्रौपदी चाहे जितने लोगों को भोजन करा दे, खाना घटता नहीं था।

यह भी पढ़े –जानिए किस धातु के बर्तन में भोजन करने से होते है क्या लाभ

पीतल के पात्रों का महत्व

पीतल के पात्रों का महत्व ज्योतिष व धार्मिक शास्त्रों में भी बताया गया है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सुवर्ण व पीतल की ही भांति पीला रंग देवगुरु बृहस्पति को संबोधित करता है तथा ज्योतिष सिद्धांत के अनुसार पीतल पर देवगुरु बृहस्पति का आधिपत्य होता है। बृहस्पति ग्रह की शांति हेतु पीतल का उपयोग किया जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रह शांति व ज्योतिष अनुष्ठानों में दान हेतु भी पीतल के बर्तन दिए जाते हैं।

पीतल के बर्तनों का कर्मकांड में अत्यधिक महत्व है। वैवाहिक कार्य में वेदी पढ़ने हेतु व कन्यादान के समय पीतल का कलश प्रयोग किया जाता है। शिवलिंग पर दूध चढ़ाने हेतु भी पीतल के कलश का उपयोग किया जाता है तथा बगलामुखी देवी के अनुष्ठानों में मात्र पीतल के बर्तन ही प्रयोग लिए जाते हैं।

पीतल के बर्तनों का उपयोग

भारत के कई क्षेत्रों में आज भी सनातनधर्मी जन्म से लेकर मृत्यु के उपरांत तक पीतल के बर्तनों का इस्तेमाल करते हैं। स्थानिक मान्यताओं के अनुसार बालक के जन्म पर नाल छेदन करने के उपरांत पीतल की थाली तो छुरी से पीटा जाता है। मान्यता है कि इससे पितृगण को सूचित किया जाता है कि आपके कुल में जल और पिंडदान करने वाले वंशज का जन्म हो चुका है। मृत्यु के उपरांत अंत्येष्टि क्रिया के 10वें दिन अस्थि विसर्जन के उपरांत नारायणवली व पीपल पर पितृ जलां‍जलि मात्र पीतल कलश से दी जाती है। मृत्यु संस्कार के अंत में 12वें दिन त्रिपिंडी श्राद्ध व पिंडदान के बाद 12वीं के शुद्धि हवन व गंगा प्रसादी से पहले पीतल के कलश में सोने का टुकड़ा व गंगा जल भरकर पूरे घर को पवित्र किया जाता है।

पीतल के बर्तन घर में रखना शुभ माना जाता है। सेहत की दृष्टि से पीतल के बर्तनों में बना भोजन स्वादिष्ट तुष्टि-प्रदाता होता है तथा इससे आरोग्य और शरीर को तेज प्राप्त होता है। पीतल का बर्तन जल्दी गर्म होता है जिससे गैस तथा अन्य ऊर्जा की बचत होती है। पीतल का बर्तन दूसरे बर्तनों से ज्यादा मजबूत और जल्दी न टूटने वाला धातु है। पीतल के कलश में रखा जल अत्यधिक ऊर्जा प्रदान करने में सहायक होता है।

पीतल पीले रंग का होने से हमारी आंखों के लिए टॉनिक का काम करता है। पीतल का उपयोग थाली, कटोरे, गिलास, लोटे, गगरे, हंडे, देवताओं की मूर्तियां व सिंहासन, घंटे, अनेक प्रकार के वाद्ययंत्र, ताले, पानी की टोंटियां, मकानों में लगने वाले सामान और गरीबों के लिए गहने बनाने में होता है।

पीतल के बर्तनों से लाभ

1. भाग्योदय हेतु पीतल की कटोरी में चना दाल भिगोकर रातभर सिरहाने रखें व सुबह चना दाल पर गुड़ रखकर गाय को खिलाएं।

2. अटूट धन प्राप्ति हेतु पूर्णिमा के दिन भगवान श्रीकृष्ण पर शुद्ध घी से भरा पीतल का कलश चढ़ाकर निर्धन विप्र को दान करें।

3. लक्ष्मी की प्राप्ति हेतु वैभवलक्ष्मी का पूजन कर पीतल के दीये में शुद्ध घी का दीपक करें।

4. दुर्भाग्य से मुक्ति पाने हेतु पीतल की कटोरी में दही भरकर कटोरी समेत पीपल के नीचे रखें।

5. सौभाग्य प्राप्ति हेतु पीतल के कलश में चना दाल भरकर विष्णु मंदिर में चढ़ाएं।
पीतल के बर्तन में खट्टे पदार्थ कभी भी न रखें।

 

अन्य सम्बंधित लेख – 

  • अच्छे स्वास्थ्य के लिए खाना खाते वक़्त ध्यान रखे ये 9 बातें
  • खाने के बाद कभी नहीं करने चाहिए ये 7 काम
  • शास्त्रानुसार इन 5 बातों के कारण खाना ठीक से पचता नहीं है
  • हेल्थ- जमीन पर बैठ कर खाने से होते है ये 10 बड़े लाभ
  • गरुड़ पुराण ज्ञान- नहीं करना चाहिए इन 10 लोगों के घर भोजन
  • विष्णु पुराण के अनुसार खाना खाते वक़्त ध्यान रखनी चाहिए ये बातें

 

#HealthBenefitsofBrassUtensils#AdvantageofbrassUtensils#BenefitsofBrassCookware#BenefitsofBrassUtensils

Related posts:

Ahoi Ashtami Wishes Images In Hindi
विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस उद्देश्य, महत्त्व, थीम , इतिहास और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर करने के तरी...
मेटाबॉलिज्म क्या है और यह कैसे काम करता है
भांग के फायदे | Benefits Of Cannabis
लोन लेने के फायदे
अश्वगंधा के फायदे | Benefits of Ashwagandha
वायरल फीवर के लक्षण, कारण और घरेलू उपचार
गिलोय के फायदे | Benefits Of Giloy
मधुमेह के रोगियों के लिए डाइट प्लान | Diet Plan for Diabetes Patient
सुखी खांसी के घरेलू उपाय

2 thoughts on “Benefits of Brass Utensils, पीतल के बर्तन क्यों जरूरी है घर में, जानेंगे तो आश्चर्य होगा”

  1. Sanjay says:
    May 15, 2020 at 3:39 pm

    Thanks for such a wonderful information in Hindi.

    Reply
    1. Pankaj Goyal says:
      May 17, 2020 at 10:10 am

      Thank you for appreciating, will try to bring more such information for nice reader like you.

      Reply

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Daily Horoscope

04/18/26

Pages

  • AdTest
  • Contact Us
  • Disclaimer
  • Guest Post & Sponsored Post
  • Privacy Policy
©2026 Ajab Gajab | Design: Newspaperly WordPress Theme