Ajab Gajab

Status, Shayari, Message, Vrat Katha, Pauranik Katha, Jyotish, News, Hindi Story, Religion, Health, Poem, Jokes, Kavita, Geet, Gazal, Wishes, SMS, Interesting Facts

Menu
  • Pauranik Katha
  • Jyotish
  • Quotes
  • Shayari
  • Amazing India
  • Self Improvment
  • Health
  • Temple
  • Bizarre
Menu

जानिए आज कहां स्तिथ है महाभारत के प्राचीन शहर 

Posted on March 17, 2017 by Pankaj Goyal

प्रसिद्ध हिन्दू ग्रन्थ महाभारत में उल्लेखित कई प्राचीन शहर आज भी स्थित जो की वर्तमान भारत, पाकिस्तान और अफगानिस्तान में फैले हुए है। यहां हम आपको महाभारत के कुछ ऐसे ही शहरों के बारे में बता रहे है।

यह भी पढ़े –  भारत के विभिन्न प्रान्तों में स्तिथ इन 8 शिवलिंगो की स्थापना करी थी पांडवों ने

Ancient Cities Of Mahabharat, Hindi Story, Kahani, Informationa,

महाभारत के प्राचीन शहर : Ancient Cities Of Mahabharat

गांधार

आज के कंधार को कभी गांधार के रूप में जाना जाता था। यह देश पाकिस्तान के रावलपिन्डी से लेकर सुदूर अफगानिस्तान तक फैला हुआ था। धृतराष्ट्र की पत्नी गांधारी वहां के राजा सुबल की पुत्री थीं। गांधारी के भाई शकुनी दुर्योधन के मामा थे।  गंधार को लेकर ऐसी कहानी प्रचलित है कि महाभारत के युद्ध के बाद पांडव हिमालय के लिए निकले। यहीं पांडवों के वंशज जनमेजय ने अपने प‌िता परीक्ष‌ित की सांप काटने से मृत्यु के बाद क्रोध‌ित होकर सर्पयज्ञ का अयोजन क‌िया था ज‌िसमें हजारों नाग जलकर भस्म हो गए थे।

अब कहां है – पाकिस्तान और अफगानिस्तान में

केकय प्रदेश

जम्मू-कश्मीर के उत्तरी इलाके का उल्लेख महाभारत में केकय प्रदेश के रूप में है। केकय प्रदेश के राजा जयसेन का विवाह वसुदेव की बहन राधादेवी के साथ हुआ था। उनका पुत्र विन्द जरासंध, दुर्योधन का मित्र था। महाभारत के युद्ध में विन्द ने कौरवों का साथ दिया था।

अब कहां है – जम्मू कश्मीर

इंद्रप्रस्‍थ और खांडवप्रस्‍थ

महाभारत में ज‌िस इंद्रप्रस्‍थ और खांडवप्रस्‍थ का ज‌िक्र क‌िया है वह वर्तमान में भारत राजधानी द‌िल्ली है।

उज्‍जान‌िक

महाभारत में ज‌िस उज्‍जान‌िक नामक स्‍थान का ज‌िक्र क‌िया गया है वह वर्तमान काशीपुर है जो उत्तराखंड के नैनीताल जिले में स्‍थ‌ित है। यहां पर गुरु द्रोणाचार्य ने कौरवों और पांडवों को श‌िक्षा दी थी। यहां स्‍थ‌ित द्रोणसागर झील के बारे में कहा जाता है क‌ि पांडवों ने गुरु दक्ष‌िणा के तौर पर इस झील का न‌िर्माण क‌िया था।

आज कहां पर है – उत्तराखंड

पांचाल राज्य

पांचाल पौराणिक 16 महाजनपदों में से एक है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बरेली, बदायूँ और फर्रूख़ाबाद ज़िलों से परिवृत प्रदेश का प्राचीन नाम है। यह कानपुर से वाराणसी के बीच के गंगा के मैदान में फैला हुआ था।

आज कहां पर है – उत्तरप्रदेश

वृंदावन

महाभारत काल का वृंदावन आज भी इसी नाम से जाना जाता है जो वर्तमान में उत्तर प्रदेश में स्‍थ‌ित। यहां श्री कृष्‍ण रास रचाया करते थे और गाय चराया करते थे।

मथुरा

महाभारत में कंस की नगरी मथुरा का ज‌िक्र क‌िया गया है। यह जगह आज भी इसी नाम से जानी जाती है। यहीं पर भगवान श्री कृष्‍ण का जन्म हुआ था। यहां आज भी जन्मभूम‌ि में श्रद्धालु दर्शन के ल‌िए आते हैं।

भारत के मंदिरों के बारे में यहाँ पढ़े –   भारत के अदभुत मंदिर
पौराणिक कहानियाँ यहाँ पढ़े – पौराणिक कथाओं का विशाल संग्रह

सम्बंधित लेख-

  • कुछ पुरातात्विक खोजे जिन्होंने वैज्ञानिकों को कर रखा है हैरान और परेशान
  • विशव की 10 रहस्यमयी जगह
  • बरमूडा ट्राइएंगल जैसी धरती कि कुछ अनोखी और रहस्मयी जगह
  • पानी में दफ़न दुनिया के 6 प्राचीन शहर 
  • पांच रहस्यमय ढांचे(Five Mysterious Structure) : जिनका सच आज तक नहीं जान पायी दुनिया

Related posts:

झंडा फहराने के दिशानिर्देश नियम और महत्वपूर्ण जानकारी
उनाकोटी - 99 लाख 99 हजार 999 मूर्तियां, क्या है रहस्य
यहाँ औरतें 5 दिन रहती है निर्वस्त्र, जानिये क्यों ?
व्हिसलिंग विलेज जहां सिर्फ सीटी बजाकर एक-दूसरे को बुलाते हैं लोग
10 प्रसिद्ध बौद्ध तीर्थ | 10 Famous Bodh Tirth
जानिये "कहां राजा भोज और कहाँ गंगू तेली" के पीछे की कहानी
समर्थ स्वामी जगजीवन साहब के आवाह्न से श्री कोटवाधाम अभरन कुंड में त्रिवेणी अवतरण
लंका मीनार - भाई-बहिन एक साथ नहीं जा सकते इस मीनार के ऊपर
इन जगहों पर घटी थी रामायण से सम्बंधित महत्वपूर्ण घटनाएं
भारत के 10 प्रसिद्ध गुरूद्वारे | Famous Gurdwaras in India

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Daily Horoscope

04/18/26

Pages

  • AdTest
  • Contact Us
  • Disclaimer
  • Guest Post & Sponsored Post
  • Privacy Policy
©2026 Ajab Gajab | Design: Newspaperly WordPress Theme