Ajab Gajab

Status, Shayari, Message, Vrat Katha, Pauranik Katha, Jyotish, News, Hindi Story, Religion, Health, Poem, Jokes, Kavita, Geet, Gazal, Wishes, SMS, Interesting Facts

Menu
  • Pauranik Katha
  • Jyotish
  • Quotes
  • Shayari
  • Amazing India
  • Self Improvment
  • Health
  • Temple
  • Bizarre
Menu
पुस्तक दिवस पर काव्य रचना

पुस्तक दिवस पर काव्य रचना – कमलेश जोशी ‘कमल’

Posted on April 27, 2021 by Viveka Goyal

Pustak Diwas – कमलेश जोशी ‘कमल’ राजसमंद द्वारा पुस्तक दिवस पर रचित काव्य-रचना 

पुस्तक दिवस पर काव्य रचना

पुस्तक दिवस (Pustak Diwas)

उपवन मे खिले कुछ फूल उठा लेते हैं
आओ किताबों को अपना बना लेते है।।

ऑनलाइन मे पन्ने पलटे नही जाते
फट रही किताबों पे जिल्द चढा देते हैं ।।

कुछ शीशों मे कैद, कुछ ताक मे रखी
चलो इनको आज गले लगा लेते हैं।।

लिखा होगा किसी ने बडे इत्मीनान से
उन भावनाओं को दिल मे बसा लेते हैं।।

किताबें मुखरित होगी, वो मुस्कराएगी
दिवस इनका अविस्मरणीय बना लेते हैं।।

कमलेश जोशी ‘कमल’
 राजसमंद

यह भी पढ़े –

  • Collection of Sahir Ludhianvi Shayari Part 6
  • मनीष नंदवाना ‘चित्रकार’ राजसमंद द्वारा रचित रचनाओं का संग्रह
  • Best Muktak of Kumar Vishwas Part – 1 (कुमार विश्वास के प्रशिद्ध मुक्तक पार्ट – 1)
  • Collection of Kumar Vishwas Poetry and Muktak (कुमार विश्वास की कविता और मुक्तक का संग्रह)

Related posts:

दर्द की सच्चाई - आचार्य डॉ अजय दीक्षित "अजय"
कवि की करुण पुकार - आचार्य डॉ अजय दीक्षित "अजय"
राम सृष्टा भी हैं और सृष्टि भी - कुमार विश्वास
शरीर का सार - आचार्य डा.अजय दीक्षित "अजय"
भोंर का उजाला - डॉ लोकमणि गुप्ता
कविता - बेटी जब घर आती हैं
'कोरोना का आना........गजब हो गया'- मनीष नंदवाना 'चित्रकार'
माँ की रसोई -अंजलि देवांगन (मातृ दिवस पर कविता)
विश्व रेडक्रॉस दिवस पर हिंदी कविता | World Redcross Day Poem In Hindi
मानव बस्तियां - कमलेश जोशी 'कमल'

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Daily Horoscope

04/15/26

Pages

  • AdTest
  • Contact Us
  • Disclaimer
  • Guest Post & Sponsored Post
  • Privacy Policy
©2026 Ajab Gajab | Design: Newspaperly WordPress Theme