Desh Desh Se Aayi Bahti Poem In Hindi – कमलेश जोशी ‘कमल’ राजसमंद द्वारा रचित रचना ‘देश देश से आई बहती’
देश देश से आई बहती
देश देश से आई बहती
इन धाराओं का संगम देखो
किसने पिरोये सुंदर मोती
इन पलों का सृजन देखो
अद्भुत ये मंच सजा है
देखो कितना दृश्य मनोहर
पुलकित प्रसन्न हर मुख
आगत भविष्य की धरोहर
आतुर सब कहने को
अपने मन की अभिव्यक्ति
कितनी गहरी बातों को
कहने की जिनमे है शक्ति
हर एक अपने मे अलग
हर एक, हर एक से जुड़ा
कैसा अद्भुत रिश्ता यह
इस मंजिल पर आ जुड़ा
मिलकर हम सब यहाँ पर
कुछ सृजन ऐसा कर जाय
विश्वपटल पे भारत माँ की
यश गाथा फिर गाई जाय
कमलेश जोशी
राजसमंद

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